sukanya samridh yojna 2019 new update | सुकन्या समृद्धि खाता योजना |
1 . संक्षिप्त शीर्षक और प्रारंभ :
- इस योजना को सुकन्या समृद्धि खाता योजना 2019 कहा जाता है ।
- यह आधिकारी राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से लागू माना जाएगा।
2 . परिभाषाएं :-
- इस योजना में जब तक इस संदर्भ में अन्यथा पेक्षित न हो,-
- खाता का अर्थ इसी योजना के अंतर्गत खोला गया खाता है
- खाताधरक का अर्थ उस बालिका से है जिसके नाम पर खाता है
- अधिनियम का अर्थ सरकारी बचत प्रोत्साहन अधिनियम 1873 (1873 का 5),-
- जन्म प्रमाण का अर्थ है नगरपालिका प्राधिकरण या जन्म और मृत्यु रजिस्टर ,या भारतीय वाणिज्यिक दूतावास द्वारा जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए अधिकृत किसी भी कार्यालय द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र जैसा की नागरिकता अधिनियम धारा 1955 धारा 2 की उप धारा 1 की खण्ड 2के परिभाषित है ।
- परिवार का अर्थ एक इकाई है जिसमें जीवन साथी और उसके बच्चे ,गोद लिए गए अन्यथा शामिल बच्चे हो।
- पत्र का अर्थ इस योजना से जुड़े प्रपत्र ।
- "सामान्य नियम "सरकारी बचत प्रोत्साहन सामान्य नियम 2018 से है।
- "परिपक्वता" का अर्थ है किसी खाते के खुलने की तारीख से लेकर 21 वर्ष तक पूरी होने की परिपक्वता ।
3 .
- खाता किसी अभिभावक के द्वारा किसी बालिका के नाम पर खोला जा सकता है, जिसने खाता खुलने की तारीख को 10 वर्ष की आयु प्राप्त न हो|
- इस योजना के तहत प्रत्येक खाताधारक का एक ही खाता होगा
- खाता खोलने की फार्म में फार्म -1 में आवेदन के साथ खाता खोलने वाली बालिका का जन्म प्रमाण पत्र, धावक के आवश्यक दस्तावेजों के साथ संलग्न किया जाए।
- योजना के तहत एक परिवार में अधिकतम 2 लड़कियों का खाता खोला जा सकता है ।
4 जमा -
- खाता न्यूनतम जमा प्रारंभिक राशि ₹250 के साथ और उसके बाद ₹50 के गुणांक में खोला जा सकती है और बात की जमा राशि 50 के गुण आंखों में होगी इस शर्त के अधीन की एक वित्त वर्ष में इस खाते में न्यूनतम राशि ₹250 जमा किये जायेंगे ।
- किसी खाते में जमा की गई राशि 1 वित्त वर्ष में कुल डेढ़ लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- खाता खोलने की तारीख से 15 वर्ष की अवधि पूरी होने तक कभी भी पैसा जमा किया जा सकता है ।
5 . जमा पर ब्याज -
- 12 दिसंबर 2019 से 31 मार्च 2020 तक ( ये दोनों दिन शामिल ) के बीच जमा की गई राशि पर 8.4 प्रतिशत की दर से प्रतिवर्ष ब्याज की प्राप्ति होगी।
- अप्रैल 2020 को या उसके बाद जमा की गई राशि और खाते में सिर्फ जमा राशि पर 7.6% ब्याज की दर से प्रतिवर्ष ब्याजकी प्राप्ति होगी।
जीएसआर नंबर 288 (ई) में दिनांक 05-05-2020 के माध्यम से उप पैराग्राफ 5(1) को संशोधित किया गया और उप पैराग्राफ 5 (1ए) को शामिल किया गया हैं ।
6 . खाते का संचालन :-
- खाताधरक के 18 वर्ष की आयु पूरा करने तक हाथी का संचालन अभिभावक के द्वारा किया जाएगा 18 वर्ष की आयु पूरा करने के बाद आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद खाताधारक स्वतः खाता का संचालन कर सकता है ।
7 . खाता का समय से पहले बंद होना :-
- खाताधारक के मृत्यु की स्थिति में , फार्म-2 में आवेदन करने पर , सक्षम प्राधिकार द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र जमा करने पर खाते को तुरंत बंद कर दिया जाएगा तथा मृत्यु की तिथि तक जमा राशि और उस पर ब्याज उसके अभिभावक को दे दिया जाएगा ।
8 . निकसी :-
- फार्म-3 में आवेदन करने पर अधिकतम 50 प्रतिशत तक निकासी , निकासी के लिए आवेदन के वर्ष के पहले वित्तिय वर्ष के अंत में खाते में मैजूद राशि को खाताधारक की शिक्षा के प्रयोजन के लिए अनुमति दी जाएगी ।
- उप-पैरग्राफ (1) निकासी के लिए आवेदन के साथ किसी शैक्षणिक संस्थान खाता धारक के प्रवेश की पुष्टि या ऐसी वितीय आवश्यकता का संकेत देने वाले संस्थवन से शुल्क पर्ची के रूप में प्रामाणिक दस्तावेज संलग्न किया जाएगा ।
- उप- पैराग्राफ (1) के तहत निककसी एकमुश्त या एक क़िस्त में की जा सकती है। प्रतिवर्ष एक से अधिक नहीं ,अधिकतम 5 वर्षो के लिए ,उप- पैराग्राफ (1) में निर्दिष्ट सीमा के अधीन ।
9 . परिपक्वता पर समापन :-
- खाता खुलने की तारीख से एक्कीस वर्ष पूरी होने पर परिपक्व होगी।
- खाता को एक्कीस वर्ष पूरे होने से पहले खाता बन्द करने की अनुमति दी जा सकती हैं यदि खाता धारक किसी आवेदन पर नोटरी द्वारा सत्यापित गैर न्यायिक स्टाम्प पेपर के द्वारा विधिवत एक हस्ताक्षरीत घोषणा पत्र सत्यापित करने पर खाता धारक के इच्छित विवाह के कारण बंद करने का अनुरोध करता है जो उम्र के प्रमाण के साथ सिद्ध करता है कि आवेदक की उम्र शादी के तारीख पर अट्ठारह वर्ष से कम नही होंगी ।
- परंतु यह कि इच्छित विवाह की तारीख से पहले या सदी की तारीख से। तीन महीना बाद इस तरह से समापन की अनुमति नही दी जाएगी ।
- खाताधारक द्वारा आवेदन फार्म-4 में आवेदन करने पर पैराग्राफ5 तहत लागू ब्याज के साथ बकाया राशि खाता धारक को डेय होगी।
10 . सामान्य नियमो का लागू होना :-
- सामान्य नियमो के प्रावधान, जहा तक संभव उन मामलो के सम्बन्ध में लागू हो हो , जिनके लिए इस योजना में कोई प्रव्धवन नही किया गया ।
11 . छूट देने की सकती ;-
- जहा केंद्र सरकार सन्तुष्ट है की एस योजना के किसी भी प्रावधान के संचालन से खाता धारक को अनुसहित कठिनाई होती हैं वह आदेश। द्वारा और कारणों को लिखित रूप में दर्ज करके ऐसे खाता धारक के प्रावधान खाता धारक के संबंध में उस प्रावधान या प्रावधान के संबंध में छूट दी जा सकती हैं। जो अधिनियम के पप्रावधानों के संबंद में असंगत न हो ।

0 टिप्पणियाँ